कल महीनो बाद , वही फोन आया जिसका इन्तजार था
कुछ गिले- शिकवों के बाद, मेरे लिए एक समाचार था .
वो अब, जब, हो गए हैं किसी और के तो,बताना नहीं भूले
कि मैं उनका एक दोस्त रहा, जो मोहब्बत में वफादार था.
जाता हुआ साल किसी पुराने कैलेंडर की तरह दीवार से उतर रहा है और कीलों पर हमारी उम्मीदें टँगी रह जाती हैं। नया वर्ष आ गया है पर तुम मेंरे ग...
bahut badhiya manish ji...
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