मैंने कइयों से
यह सुना है कि
मेरी आँखें
बहुत बोलती हैं
सुबकुछ बोलती हैं
शायद इसीलिए
तुम हमेशा कहती थी
तुम्हारी आँखें
इजहार करना जानती हैं
तुम कुछ मत बोला करो ।
चिरोयली मैं ताशकंद, उज़्बेकिस्तान में सन 2024 की फ़रवरी के पहले सप्ताह में पहुंचा था, ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी के विजिटिंग प्रोफ़ेसर ...
बढ़िया बात-
ReplyDeleteआभार भाई जी-