मैंने कइयों से
यह सुना है कि
मेरी आँखें
बहुत बोलती हैं
सुबकुछ बोलती हैं
शायद इसीलिए
तुम हमेशा कहती थी
तुम्हारी आँखें
इजहार करना जानती हैं
तुम कुछ मत बोला करो ।
International Institute of Central Asian Studies (IICAS), Samarkand, Uzbekistan (by UNESCO Silk Road Programme ) Alfraganus University, Tas...
बढ़िया बात-
ReplyDeleteआभार भाई जी-