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संदेश

हंगामा है क्यों बरपा -----------

पब कल्चर का विरोध अब चुनाव का मुद्दा बन रहा है । वो भी मुंबई और बंगलोर जैसे शहरो के नाम पे । हम तरक्की तो चाहते है लेकिन सडी गली विचार धारा को भी नही छोडना चाहते । जब भारत मे पूजी आती है ,विदेशी आते हैं तो हमे अच्छा लगता है ,लेकिन इनके साथ आने वाली संस्कृति को हम बरदास नही कर पाते । ये दो तरफी चाल बड़ी भयानक है । हमे इस पे सोचना ही होगा ।

अभिलाषा

मेरे मन की एक अभिलाषा पलती इसमे है एक आशा उस आशा मे प्यार भरा प्यार भरा संसार बसा नही जरूरत किसी की इसको इसमे अजब विस्वास भरा उतना ही यह है गहरा जितना नभ है तारों भरा तुम जो हो अभिलाषा ----- और किसी की करूँ क्या आशा \ तुम ---तुम वो जो -------- कहना मुस्किल है ------ कोई क्या कह सके गा तुम्हे ---सिवा की तुम हो एक आशा ------------------- ...

कैसे ग़लत हैं राज ठाकरे ?

मीडिया जो चाहे लिखे,कहे,दिखाये और बताये उसको पूरी आजादी है । फ़िर देश की आम जनता की औकात ही क्या है ? यह बात राज ठाकरे वाले मामले से आसानी से समझा जा सकता है । अपनी राजनीतिक जमीन तलास कर रहे राज ठाकरे ने ऐसा कुछ नही किया जो इस देश की राजनीत के लिये नया हो । उन्होने बस अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढाया । अब अगर राज को आप ग़लत कहेंगे तो आप को इस देश की राजनीतिक और संवैधानिक स्थितियों को भी ग़लत कहना पड़ेगा । इस देश मे कानून कब राजनेतावो पर नकेल कसने मे कामयाब हुवा है ? शायद तभी जब उसकी राजनीतिक गोटियाँ राजनीति की बिसाद पे सही नही बैठी । हाल ही मे सत्यम का घोटाला उजागर हुआ ,क्योंकि सत्यम का राजनीतिक मडर सुनिश्चित किया गया । राज ठाकरे राजनीति को अच्छी तरह समझते हैं । आगे बढ़ने के शोर्ट -कट को जानते है । आज अगर आप राज को ग़लत मानते हैं तो कृपया एक ऐसा नाम बता दीजिये जो आप की नजरो मे सही हो । आजादी के बाद का मोह भंग और उसके बाद की अव...

हिन्दी साहित्य का इतिहास -----नई चर्चा

हाल ही मे वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक मे मेरा भी लेख शामिल किया गया है । हिन्दी साहित्य के अध्यन मे यह पुस्तक उपयोगी है । आप अगर हिन्दी साहित्य लेखन के विवादस्पद मुद्दों से रूबरू होना चाहते हैं ,तो यह पुस्तक आप के लिये उपयोगी है ।

संत तेऊराम जी

सिन्धी समाज मे गुरूजी बहुत पूजनीय हैं । उन्ही के साहित्य का संछिप्त परिचय यंहा प्रस्तुत है । “Respect honourable guruji LIFE AND WORKS OF SANT TEUNRAMJI Who is crown to the head, Whose blessed look alone Gets every work completed.” It is cited in Srimad Bhagwad Puran – from the origin of the universe – as and when the need was felt Almighty Paramatman has taken incarnations viz. Matsya Avtar, Varah Avtar for instance. There are many types of incarnations of God such as : 1) Purna Avtar :Complete Incarnation 2) Ansh Avtar :Partial Incarnation 3) Naimittik Avtar :Casual Incarnation 4) Nittya Avtar :Mundane Incarnation In continuation of this series of incarnations, in the later part of the 19th century, on 6th July, 1887, in the sacred land of Sindh, on the shores of Indian Ocean (Sindhu Dariyah), in Khandu village of Hyderabad, Sadguru Swami Teunramji Maharaj took the incarnation for the well being of human race. His father, chelaram, as well as his mother Krishnadevi, were...

खामोशी की जुबान -----------------------------------

खामोशी की जुबान कविता संग्रह के प्रकाशन कार्य से भी मै juda reha हूँ । ॐ प्रकाश पाण्डेय की यह किताब देश की वर्तमान अवस्था का बड़ा की मार्मिक चित्त्रण हमारे सामने प्रस्तुत करती है। अगर आप इसे पढेंगे तो इससे अवस्य प्रभावित होंगे । इस पुस्तक के लिये भी आप लिख सकते हैं .मै इसे भी आप के लिये उपलब्ध करा दूंगा ।

कविता संग्रह

मन के सांचे की मिटटी विजय पंडित का नवीनतम काव्य संग्रह है । इस संग्रह की कवितायें अपनेआप मे कई तरह के प्रश्न समाज के सामने खड़ी करती हैं । जो लोग काव्य मे सिर्फ शिल्प के हिमायती हैं , उनकी मुह पे तमाचा जड़ने का काम यह कविता संग्रह करता है । आप भी इसे अवस्य पढें और अपनी राय दें । इस किताब को प्राप्त करने के लिये आप लिखें । मै इसे आप के लिये उपलब्ध करवा दूंगा वो भी मुफ्त, क्योंकि इसका प्रकाशन कार्य मैने ही किया है .