इन निगाहों को तेरे इंतजार की आदत है वरना,
एतबार तेरा अब मुझको नहीं रहा ।
एतबार तेरा अब मुझको नहीं रहा ।
उज़्बेकी कहानियों में माँ, स्मृति और मानवीय करुणा का संसार चयनित कहानियों के संदर्भ में एक समीक्षात्मक अध्ययन प्रस्तावना साहित्य में माँ क...
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