Monday, 13 February 2012

आज जब वैलेंटाईनडे है

आज जब वैलेंटाईनडे है,

यार बस तुम ही याद आयी हो ।

इतने सालों बाद भी,

राख़ के नीचे दबे अंगार सी ,

तुम ही, बस तुम ही याद आयी हो ।

टूटे सपनों और रिश्तों के बावजूद ,

हर साँस के साथ छूटी आस के बावजूद ,

किसी और का होने, हो जाने के बावजूद,

सालों बिना किसी मुलाक़ात के बावजूद ,

अब मोबाइल में तुम्हारा नमबर न होने के बावजूद,

आज जब वैलेंटाईनडे है,

यार बस तुम ही याद आयी हो ।

ऐसा इसलिए क्योंकि ,

वो जो हमारे बीच का विश्वास था

वो आज भी कायम है और

हमेशा रहेगा ।

इसलिए जब भी  वैलेंटाईनडे आयेगा,

शुभे,  बस तुम ही याद आओगी ।

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