दूर रहकर मेरी इतनी चिन्ता मत किया करो
कि तुम्हारे क़रीब होने का एहसास बढ़ जाता है ।
कि तुम्हारे क़रीब होने का एहसास बढ़ जाता है ।
जाने क्यों तुझे मैंने फिर पुकारा नहीं, मुश्किल ये कि तेरे बिन गुज़ारा नहीं। सफ़र लंबा है अभी बड़ी दूर जाना है अब किसे आवाज़ दूँ कोई सहारा न...
No comments:
Post a Comment
Share Your Views on this..