किसी पूजा के बाद
हिस्से में आता है
जितना
ईश्वर का प्रसाद
उतना ही
मेरे हिस्से में
तुम आयी ।
और उतने में ही
मुझे मिल गया
जीवन जीने का विश्वास ।
हिं दी के पक्ष में जिस भावुकता के साथ तर्क रखे जाते हैं उन्होंने हिंदी का कोई भला नहीं किया अपितु नुकसान ही अधिक हुआ । हिंदी की ...
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