Monday, 3 February 2025

महाकुंभ

 महाकुंभ 


लाखों करोड़ों की आस्था का सैलाब होता है कुंभ
सनातन संस्कृति का तेजस्वी भाल होता है कुंभ।

जो पहुंच पाया प्रयागराज वो आखंड तृप्त हुआ
न पहुंचनेवालों के लिए बड़ा मलाल होता है कुंभ।

मेला ठेला रेलम रेला साधू संत और नागा बाबा
इनसब से भरा हुआ बड़ा ही कमाल होता है कुंभ।

यज्ञ हवन पूजा पंडाल और कथा अखाड़ों का डेरा
स्वर्ग सा ही दिव्य भव्य दैदीप्यमान होता है कुंभ ।

गंगा की पावन धारा में भक्ति भाव का प्रवाह सा
सत्य सनातन व धर्म ध्वजा का नाद होता है कुंभ।

डॉ मनीष कुमार मिश्रा 
विजिटिंग प्रोफेसर (ICCR HINDI CHAIR )
ताशकंद स्टेट युनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज 
 ताशकंद, उज़्बेकिस्तान।

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