किसी पत्रिका में पढ़ा हुआ मोहब्बत पर एक शेर आप सभी के लिए
सारे पेचीदा मसले आसान हो गए ,
मोहब्बत में हम भी इंसान हो गए.
सारे पेचीदा मसले आसान हो गए ,
मोहब्बत में हम भी इंसान हो गए.
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