Tuesday, 17 November 2009
Need to have Nationilist view
The politicians of last generation barring few exception has shown the seed of regionalism in their respective state not on any thing positive or positively promoting their regional culture instead they
Spilled venom of divide and negativity of regionalism .Just visit any site or go to any blog one will find the youth indulging and trying to promote regionalism that to without fully understanding the truth and further increasing the regionalism to a new low which is very bad sign and politicians escalating the regionalism in their own way for their vote bank .
These youth who are brilliant in their own way need some guidance and we must find a way I our books and seminars which are fashion today to promote and instill nationalism which should rule over every thing , caste ,religion, region , belief and language and also installing in them our core value of tolerance and freedom of speech .
Another thing which must be done in order to promote harmony between different religion and languages is to make a minor change in our constitution that should say that ‘’ INDIA IS A HINDU NATION WHICH FOLLOWS SECULARISM ‘’and stating that ‘’ Hindi is our national language and Hindi and English will continue to be used as link language till it seems necessary but every concrete effort should be made to promote Hindi in all the parts of the country along with promotion of state language in their respective states.’’
This will solve a lot of the problem . In Hinduism sikkhism , Janism and buddism should be considered as an integral part with their distinct identity.
These two thing will solve a lot of problem and prevent a lot of bloodbath and will minimise the rise of regionalism and religionalism to a great extent.
That nationalism should come first over any thing then promoting divide by saying make Hinduism as national religion and Hindi as National language but I beg to differ .
But this too should be taken to people in constrictive way and our intelligentsia and by our media .
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Monday, 16 November 2009
दिल से निकल पलकों पे सजा लिया तुने /
2 दिल से निकल पलकों पे सजा लिया तुने ,
4 दिल से निकल पलकों पे सजा लिया तुने ,
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Sunday, 15 November 2009
छेत्रवाद का उठता चेहरा /
भाषा के नाम पे राजनीतहो रही है जो देश की एकता के लिए खतरा है / हम जहाँ रहते हैं वहां की भाषा हमें आनी चाहिए ये इक दम सही है और इसे हर किसी को अमल में लाने की कोशिश करनी चाहिए पर उसके लिए राजभाषा हिन्दी को विरोध उचित नही है /हिन्दी को हमारे देश को जोड़ने का काम करनी चाहिए तोड़ने का नही / ये बात भी उतनी ही जरूरी है की हम स्थानीय लोंगों को नौकरियों में प्राथमिकता देनी चाहिए पर केंद्रीय नौकरियों में ये बाध्यता नही होनी चाहिए /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
अज्ञात की तलाश है ,अज्ञान का ही वास है ;
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Saturday, 14 November 2009
मेरी मोहब्बत को मेरी कमजोरी ना समझ /
मेरी मोहब्बत को मेरी कमजोरी ना समझ ,
मेरी चाहत को मेरी खुदगर्जी ना समझ ,
मेरी अंदाजे बेफिक्री को बेवफाई ना समझ ;
मेरे आखों के आंसू को दुहाई न समझ /
कब चाहा की तेरे आखों में आंसू आए ;
मेरे इश्क को मेरी गुस्ताखी ना समझ ;
तेरी मुस्कराहट के लिए ख़ुद को मिटा दू मैं ;
मेरे जजबातों को बेकाफी ना समझ ;
मेरी नाराजगी को भले तू ना वाजिब माने ;
मेरे प्यार को व्यर्थ की नुमाइश ना समझ /
भले तेरे रिश्ते का मुझे तू साहिल ना बना ,
मैं इश्क ना निभा पायूँगा ऐसा काहिल ना समझ ;
मेरे जीने की वजह मेरे दिल की दुआ तू है ;
मेरी मोहब्बत को तू नाकाबिल ना समझ /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Friday, 13 November 2009
Turmeric : The Natural Healer
Derive from curcumin used for food colouring and also responsible for the yellow colour of turmeric researches have proved turmeric has the potential for the treatment of various diseases from cancer to Alzheimer’s. Once you know this magic spice you will realize why yellow curry is frequently available in kitchen.
As per the express India and the ACS’ Journal of Agricultural and Food Chemistry scientists are developing a nano size capsule that will boost the body’s uptake of curcumin and help fight several diseases. Please read on for more details .
As per SindhToday (Online Sindh Newspaper) dated 28th Oct 2009 turmeric can help in fighting cancer. As per Dr Lesley Walker, director of cancer information at Cancer Research UK the natural chemicals found in this wonder spice could be the path to the new treatments for esophageal cancer.
Healing properties of turmeric
Turmeric plays the most active part in the treatment of the main organs like skin, heart, liver and lung. It is antibacterial, anti-inflammatory, anti-tumour, stimulant. The advantages are numberless. In general turmeric helps in reducing fever, diarrhoea and urinary disorders. It purifies the uterus and breast milk and regularise the reproductive system in women.Uses of the golden spice of life -
Other names of Turmeric
- Indian Saffron, Tumeric, Yellow Ginger
- French: curcuma, saffron des Indes
- German: Gelbwurz
- Italian; curcuma
- Spanish: curcuma
- Arabic: kharkoum
- Burmese: fa nwin
- Chinese: wong geung fun
- Indian: haldee, haldi, huldee, huldie
- Indonesian: kunjit, kunyit
- Malay: kunjit
- Sinhalese: kaha
- Tamil: munjal
- Thai: kamin
जापान :तब और अब
चलो इक बार फिर से अपनी दुनिया बसा ले हम ,
मेरी बातों को तुम समझो तेरी राहों को मै जानू ;
मेरे भावों को तुम जानो तेरे सपनों को मै मानू ;
मेरे अरमाँ को तुम जिओं तेरी सोचों को मै मानू '
चलो इक बार फिर से अपनी दुनिया बसा ले हम ,
खो के इक-दूजे में अपने ख्वाबों को सच कर ले हम ;
दुनिया को ना भूलें मगर ख़ुद को ना तोडे हम ,
रिश्तों को तो जोडें मगर ख़ुद का ना छोडे हम ;
चलो इक बार फिर से अपनी दुनिया बसा ले हम ,
प्यार छिपा है जो हम दोनों के सीने में ;
क्यूँ उसे इक दूजे पे ना वारें हम ;
खुशियाँ गर मिलती हैं हमें बातों मुलाकातों में ,
क्यूँ न करें बातें क्यूँ ना करें मुलाकातें हम ;
कीमत तो देनी पड़ती है हर खुशी की जीवन में ,
जीवन का करेंगे क्या जिसमे न होंगे इक दूजे के संग हम ;
चलो इक बार फिर से अपनी दुनिया बसा ले हम ,
कुछ पल ख़ुद भी जी लें आ इक दूजे को बाँहों में भर लें हम ;
चलो इक बार फिर से अपनी दुनिया बसा ले हम ,
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Thursday, 12 November 2009
कभी पल मुस्कराया करते थे ,
कभी पल मुस्कराया करते थे ,
कभी क्षण गुनगुनाया करते थे ,
होते थे जब भी तुम कहीं आस पास ;
वो लम्हे खिलखिलाया करते थे /
सामने बैठ तुम कॉलेज की बातें किया करती थी ,
मेरी धडकनों के अंदाज बदल जाया करते थे ;
अपनी सहेलियों की शरारतें बता जब इठलाते थे तुम ,
मेरे अहसास नही दुनिया बसाया करते थे ;
तेरी हँसी का एक शमा बना होता था ,
हम तेरे खुबसूरत चेहरे को निहारा करते थे ;
जब कभी आहत होती किसी के बात पे तू ,
तेरी उदासी को तेरे सिने से चुराया करते थे ;
जब तेरा दिल भर आता अपनो के कारण कभी ,
तेरे ग़मों को अपने ह्रदय में छुपाया करते थे ;
हर रोज सुबह नहा के तेरे निकालने का इंतजार हम करते ,
तुझे देख हर रोज नए सपने बनाया करते थे ;
भोर हुए आखं मलते जब तुम सामने मेरे आते ,
कैसे हम एक दूजे की सिने से लगाया करते थे ;
मन्दिर जब भी गए संग तेरे हम,
तेरी खुशियाँ मांग तेरे मांग में सिंदूर भरा करते थे ;
कभी पल मुस्कराया करते थे ,
कभी क्षण गुनगुनाया करते थे ,
होते थे जब भी तुम कहीं आस पास ;
वो लम्हे खिलखिलाया करते थे /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Wednesday, 11 November 2009
भोर हुए तेरी याद चली आती है /
भोर आखँ खुलते तेरी याद चली आती है ,
बाँहों में भरकर सिने से लगाती है ,
दिल को प्यास जीवन को आस दिए जाती है ,
भोर हुए तेरी याद चली आती है /
पल भर को जो हुआ अकेला ,
तेरे भावों ने आ मुझको घेरा ,
धड़कन को अहसास वो देते ,
गम को विश्वास वो देते ,
रातों में बिस्तर पे जब लेटा ,
तेरी बातों का होता सबेरा ,
नयनो में सपने आते हैं ,
तन मन पुलकित हो जाते हैं ,
भोर हुयी फिर यादें आती हैं ,
वो मेरी तन्हाई भर जाती हैं ,
कैसे तुझसे दूर मै जाऊं ,
कैसे मन मन्दिर फुसलाऊं,
भोर हुए तेरी यादें आती हैं ,
वो मेरी तन्हाई भर जाती हैं /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Monday, 9 November 2009
आखें प्यासी है क्यूँ नीद नही आती /
मेरे लम्हों की बेकरारी नही जाती ,
आखें प्यासी है क्यूँ नीद नही आती ;
जब्त अरमां दिल को बेकरार नही करते ,
भूल जायुं तुझको क्यूँ ऐसी बीमारी नही आती /
है शांत शमा कैसे मै जानू ,
दिल में उलझन चंचल धड़कन ;
मन से खामोशी नही जाती ,
आखें प्यासी हैं क्यूँ नीद नही आती ?
तू गैर की बाँहों में ऐतबार है मुझको ,
तेरी जिंदगी उससे है इकरार है मुझको ;
तू है नही मेरी ये कैसे मै मानू ,
मेरे रग रग से बहते खूं से तेरी खुसबू नही जाती ;
आखें प्यासी है क्यूँ नीद नही आती /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Saturday, 7 November 2009
पर वो पल कितने प्यारे औ कितने अच्छे थे/
विस्तृत आकाश विदित है ;
मन का भावः विदित है ;
अहसास कहाँ कब सीमा जाने ,
दिल का विश्वास विदित है /
झिल-मिल तारों से ,आस करे क्या ?
सागर की लहरों से , प्यास करे क्या ?
रातों के ख्वाबों का मंतव्य समझ लेते ;
जागी आखों के सपने ,करे क्या ?
तू गैर नही है ;
तुझको मुझसे बैर नही है ;
मेरी तन्हाई से क्या रिश्ता तेरा ?
मेरी आगोस में होने का अब दौर नही है /
तेरे वादे क्या सच्चे थे ;
तेरे अहसास सभी कच्चे थे ;
बदन से मिलते बदन की यादें ;
क्या ले के बैठें अब उसको ;
पर वो पल कितने प्यारे औ कितने अच्छे थे/
नई दुनिया तुने बसाई है ;
मेरी यादों की अर्थी सजाई है ;
मेरे होने का अहसास ना हो ;
तुने अपने दिल की कब्र बनाई है /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Thursday, 29 October 2009
अमरकांत की कुछ तस्वीरे .
Wednesday, 28 October 2009
तेरे पास आ उसे कैसे पराया कर लूँ ?
तुझे जरूरत ना पड़ती थी कहने की ,
तेरे अहसासों पे अमल कर देता था मै;
तेरी आखों में बुने सपनों को ,
अपने भावों से सजों देता था मै ;
तेरी राहों के काटें चुनता ,
तेरी मधुभासों में खोया रहता था मै ;
तेरी खुशियों को तुझसे ज्यादा सजोता ,
तेरे आंसुओं को अपनी आखों से रो लेता था मै ;
इन यादों से कैसे किनारा कर लूँ ,
गर तुझसे मोहब्बत एक गलती थी ;
उसे तोड़ कर गलती कैसे दोबारा कर लूँ ?
तेरी खुशियाँ अब भी मुझे प्यारी हैं ,
तुझे मिल के उन्हें कैसे गवांरा कर लूँ ;
तेरा आभास अब भी मेरे धड़कनों में शामिल है ,
तेरे पास आ उसे कैसे पराया कर लूँ ?
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Monday, 26 October 2009
इक चाहत है ख़ुद से जुदा होने की ;
इक चाहत है ख़ुद से जुदा होने की ;
मोहब्बत में खुदा होने की ;
जी ना सके संग तेरे क्या हुआ ;
तमन्ना है तेरे इश्क में फ़ना होने की ;
मेरे अहसास अपने दिल में तू समेट ना सकी ;
मेरी दुरी को मोहब्बत में लपेट ना सकी ;
क्या कहूँ तेरे अरमां औ तेरी जरूरतों को ;
कैसे तू प्यार के जज्बे को सहेज ना सकी ?
तू गर्वित है अपने हालात पे ;
अपनी सफलता और बड़ती आगाज पे ;
क्या कहूँ मोहब्बत तेरी बिखरती जवानी पे ;
कैसे वो मेरी आखों में आंसुओं को रोक ना सकी ?
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Saturday, 24 October 2009
छठ मैया को श्रद्धा अर्पण
अस्ताचलगामी और उदयमान सूर्य को प्रणाम करने के लिए सदियोंसे चली आ रही परम्परा को आगे बढ़ाने की तैयारियां चल रही हैं । बस चंद क़दमों की दूरी पर पुण्यसलिला गंगा के किनारे सूर्य जब अस्त हो रहे होंगे तो हम सब उन्हें अर्पण कर रहे होंगे अपनी श्रद्धा , अपना सबकुछ । दिन भर व्रत रखकर महिलाएं भगवान भास्कर को जल आराध्य करती है। राजधानिओमें इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी है। जैसे डेल्ही , पटना , यहाँ तक की महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी हम यह पर्व देख सकते है।
Thursday, 22 October 2009
गुम हूँ कहीं ,खोया हूँ कहीं ;
गुम हूँ कहीं ,खोया हूँ कहीं ;
हूँ उसकी तलाश में ,
निकला हूँ कहीं ,पहुँचा हूँ कहीं ;
मदहोश नही हूँ , बेहोश नही हूँ ;
उलझा हूँ तेरी सोच में ;
अफ़सोस नही हूँ , सरफ़रोश नही हूँ ;
ढुढता हूँ ख्वाबों में , भटकता हूँ राहों में ;
नीद आये हुए वर्षों ;
सोया कहीं हूँ , जागा कहीं हूँ ;
तेरा अहसास नही हूँ , तेरा आकाश नही हूँ ;
हूँ हवा में शामिल ;
तेरा आभाष नही हूँ ,तेरी साँस नही हूँ ;
होयुं कोहरे में शामिल ऐसा खामोश नही हूँ /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Wednesday, 21 October 2009
नाराज मत हो ,प्यार कर ,अंहकार मत हो /
मोहब्बत की दूरियों पे ,अपनी मजबूरियों पे ;
नाराज मत हो ,विश्वास कर ,इंकार मत हो /
तकलीफों की मुस्कराहट पे ,मुसीबतों की आहटों पे ;
नाराज मत हो ,विचार कर , तकरार मत हो /
आंसुओं की कोशिश पे ,भावों की कशिश पे ;
नाराज मत हो ,स्वीकार कर ,दुस्वार मत हो /
अपनो के तानो पे ,रिश्तों के बानो पे ;
नाराज मत हो , ख़याल कर उदास मत हो /
प्यार के धोखे पे ; मोहब्बत की उलझनों पे ;
नाराज मत हो , इश्क कर ,बदहवास मत हो /
नसीब की डोरियों पे ,तिरस्कार की बोलियों पे ;
नाराज मत हो ,सम्मान कर , अविश्वास मत हो /
बिखरे सपनों पे , छुटे अपनो पे ;
नाराज मत हो ,आगाज कर , इतिहास मत हो ;
सपने खिल जायेंगे , अपने मिल जायेंगे ;
प्यार भर भावों में ;सहजता ला मुलाकातों में ;
नम्र कर सोचों को ;सब्र भर बातों में ;
हारी बाजी जीतेगा तू ,अहसास ला मुलाकातों में ;
व्यवहार में स्वार्थ मत ला , मन में दुराव मत ला ;
नाराज मत हो ,प्यार कर ,अंहकार मत हो /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Monday, 19 October 2009
लूट लूट लूट ,
लूट रहा है हर कोई जो सकता है लूट ;
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Friday, 16 October 2009
दीपावली के लिए कुछ वाल पेपर्स ;---
ये वाल पेपर नीचे दिए लिंक से लिए गए हैं . इन पर मेरा कोई अधिकार नहीं है.
पग-पग दीप जलाए हम .
.यूं.जी.सी के नए माप दंड महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के सन्दर्भ में ;--------------
नेट का फॉर्म आ गया है ; -तैयारी शुरू कर दीजिये .
twitter India Airtel and SMS
Bharti Airtel has made a deal with Twitter so that you can send updates to your Twitter account from any mobile phone which supports SMS and that is available with any phone. And here are the details
New UserAll you will do is to link your twitter profile with a number and keep sending SMS to 53000 and here is a list of commandswhich you can use it in the sms. Thanks SahyaBhatforsharing it today along with his experience here and here.
• SMS Signup to 53000 @ Re 1 per SMS
• Follow instructions to go ahead and complete the registration
Existing User – Wanting to link their device to the Twitter A/c
• SMS Start to 53000 @ Re 1 per SMS
• Follow instructions to complete linking your Airtel phone to your Twitter A/c
General Guidelines & Keywords to Twitter Use
http://help.twitter.com/forums/59008/entries/14020
My View on Tweeting via SMS :
Like I said, Internet Penetration in India is still on the floor when it comes to rural sides and this is where SMS and Twitter can get along. However I still feel the service might not be a big hit unless something is added along with it.
- It is difficult to correlate tweets if I need to open each and every sms. IMO SMS alone will never work , not directly. You need to load a very basic application to help them tweeting with an ease.
- Twitter is about conversations and there should be more ways to read other tweets easily before I tweet.
- There might be billion of users who dont get internet yet on mobile in India but then do they really use internet and if they dont why would they need to use twitter. ? If it has to become a success you need to give them a solid reason.
- It’s costly. For every tweet i.e. Sms sent you will be charged Rs 1.
www.technospot.in
Thursday, 15 October 2009
यम भगवान को देखने का एक और नजरिया
So let's celebrate this diwali with a new perspective and give respect to each and everybody without any prejudice.
Wednesday, 14 October 2009
कैसे भेजें ई- कार्ड इस दीवली पे ?

इस दीपावली पे अपने अपनों को ई-कार्ड के जरिये आप खुश कर सकते हैं । मैं कुछ ऐसे लिंक दे रहा हूँ जिनके जरिये आप आसानी से ये ई-कार्ड मुफ्त में डाउन लोड कर के उसे भेज सकते हैं । तो इन्तजार किसका है ? बस क्लिक करे और लाखों ई- कार्ड आप के सामने होंगे । www.indiaexpress.com/cards/Holidays/
www.123greetings.com/events/diwali/
www.diwali-ecardwww.usagreetings.com/html/diwali/category.htmls.com/
www.dgreetings.com/religion_cards/hindu/diwali/index9
www.365greetings.com/event22.html
www.teluguone.com/greetings
ऐसे ही कई और भी वेबसाइट्स हैं ,लेकिन आप का काम ऊपर दिए गए पतों से हो जाए गा ।
दीपावली की मंगलमय शुभ कामनायें ।
Tuesday, 13 October 2009
आज तुम्हारे जन्म दिन पे -------------------



आज तुम्हारे जन्म दिन पे ,
आज तुम्हे याद करते हुए,
महसूश कर रह रहा हो ,
तुम्हारे साथ के हर पल को ।
तुम्हारी शैतानियाँ ,
तुम्हारी बदमाशियां ,
और कलाई पे बंधने वाली तुम्हारी राखी को भी ।
आज तुमसे दूर रह कर भी,
मैं तुम्हारे साथ हूँ ।
दिल की अनंत गहराइयों से,
तुम्हे आशीष देते हुए,
तुम्हारी खुशियों की दुआ मांगते हुए ,
और तुम्हारे प्यार को याद करते हुए ।
आज तुम्हारे जन्म दिन पे ,
तुम्हे तुम्हारे भाई का
ढेर सारा प्यार ।
(तान्या,ईशा और गुडिया के लिए )
महसूस कर हवा में मिलेंगी सदायें मेरी ;
महसूस कर हवा में मिलेंगी सदायें मेरी ;
आसमान से बरसती दुआएं मेरी ;
दूर रहने पे भी मेरे अहसास तेरी तन्हाई छू जायेंगें ;
बातों में तेरे मुंह से मेरे अलफाज निकल आयेंगें ;
सहेज लो चाहे जितना अपने मन अपनी नई जिंदगानी में ;
बिना मेरा जिक्र कहाँ रंग आएगा तेरी कहानी में ;
तू कहता है नही जरुरत अब मेरी मोहब्बत औ उसके इरादों की ;
नही परवा मेरे इश्क और मेरे हालातों की ;
तेरी अवहेलना ने आखों को इक हँसी सी नमी दी है ;
मेरे दिल को सबमे प्यार बांटने की जमीं दी है ;
सुक्रगुजर हूँ तेरा और तेरी इनायतों का ;
मेरी भावनाओं ,आकान्छाओं को अपनी दुश्मनी दी है ;
आईने में देखा जरा नजर भर के ख़ुद को ;
मेरी मोहब्बत के अहसासों ने तुझे क़यामत की खूबसूरती दी है /
झांक सकते हो तो झाँकों अपने ह्रदय के बंद हिस्सों में ;
मैंने कभी तुझे जिंदगी भर की खुशी दी है /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Sunday, 11 October 2009
रिश्तो की रंगोली
आज जो तुम याद आए ----------
न जाने क्यो हम बहुत घबराए ।
दोष तो तुम्हे देते रहे अभी तक,
आज ख़ुद का सामना नही कर पाये।
काश वे पल एक बार फ़िर मिल पाते तो,
सुधारता अपनी गलतियों को ।
तुम्हारे लिए नही ,
अपनी लिए ही क्योंकि ,
तुम्हारे बाद मैं ,
तुम्हारे साथ की ही तरह ,
चैन से सोना चाहता हूँ ।
Saturday, 10 October 2009
कैसे मैं अभिप्राय को बदलूं ?
बात नही करते तो क्या हम भूल गए ,
पैगाम नही कहते तो क्या सम्बन्ध छुट गए ;
तुझे खुशियाँ मेरी रास ना आई ,
तो गम के रिश्ते क्या टूट गए ;
भावों को तुने बदला ,
तो क्या मेरे अरमान सूख गए /
धरती ने नियती नही बदली ,
आसमान ने सीरत नही बदली ;
हवा ने बदला नही बहना,
सांसों ने बदला नही चलना ;
मै कैसे अपने प्यार को बदलूं ,
कैसे जीवन के आधार को बदलूं ;
हट नही ये सच्चाई है ,
तेरा प्यार मेरी खुदाई है ;
कैसे मैं भगवान को बदलूं ,
कैसे मै जज्बात को बदलूं ;
मै तुच्छ सही पर ये भी सच है ;
तेरी मोहब्बत मेरा रब है ;
रब की कैसे चाह मै बदलूं ,
कैसे मैं अभिप्राय को बदलूं ?
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Friday, 9 October 2009
कैसे जाने की आप का नम्बर पंजीकृत हुआ या नही ?

Posted: 07 Oct 2009 11:22 PM PDT
DND or Do Not Disturb or also called as Do not Call is a special regulation initiated by TRAI where an individual can register their number ( Both Mobile and Landline ) to avoid calls from telemarketer which many of us find irritating and of no interest. Trai has a offical site,
National Do Not Call Registry, where you can check if you number has been activated for DND. Follow this link to check for your number.
Do not Disturb
It says :
The NDNC Registry will be a data base having the list of all telephone numbers of the subscribers who do not want to receive UCC.After the establishment of NDNC registry, Telephone subscriber (Landline or mobile) who does not wish to receive UCC, can register their telephone number with their telecom service provider for inclusion in the NDNC. Telecom Service Provider shall upload the telephone number to the NDNC within 45 days of receipt. The Telemarketer will have to verify their calling telephone numbers list with the NDNC registry before making a call. To discourage the telemarketers who make calls to the numbers registered in Do Not Call List, a provision has been made whereby Rs.500/ – shall be payable by the telemarketer to the service provider for every first unsolicited commercial communication (UCC) and Rs.1000/- shall be payable for subsequent UCC. There is a provision for disconnection of the telemarketer telephone number / telecom resource if the UCC is sent even after levy of Rs.500/- & Rs.1000/- tariff. In case of non-compliance to the Telecom Unsolicited Commercial Communications Regulations, 2007, the Service Provider is also liable to pay an amount by way of financial disincentive, not exceeding Rs.5000/- for first non-compliance of the regulation and in case of second or subsequent such non-compliance, an amount not exceeding Rs.20,000/- for each such non-compliance.
If you would would like to register/de-register their request for NDNC registry may dial 1909 or SMS to 1909 with keywords ‘START DND’ for registration and ‘STOP DND’ for de-registration. This way you can avoid all those calls which come from banks for loans, mutual funds and any tele marketing scheme and complain against them back if you do get a call from people failing for such non compliance.
Wednesday, 7 October 2009
हिन्दी में नामकरण कैसे करे ?
http://http://www.babynames.org.uk/indian-names-dictionary.htm
http://http://www.findyourfate.com/numerology/babynames/indiannames.html
http://http://www.experiencefestival.com/hindu_name_meaning_dictionary##
http://http://www.flipkart.com/dictionary-hindu-names-ramesh-dogra/8185689024-bw23fvy7nd##
http://http://www.brothersoft.com/downloads/hindi-name.html
http://http://www.download3000.com/hindi-name-downloads.html
Monday, 5 October 2009
तेरी तलाश है मुझे तू ही नही मिलता,
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Saturday, 3 October 2009
लाल बहादुर शास्त्री -मानव मिश्रा

Posted: 02 Oct 2009 12:59 AM PDT
If I ask you, what is the existence of October 2nd in Indian history; probably you will not even think and tell that it is Gandhi Jayanti (Birthday of Mahatama Gandhi).
However, very few people know that it is the birth anniversary of Late Lal Bahadur Shastri as well, 3rd Primne Minister of India, one of the great freedom fighters, the great Indian Hero, who gave the slogan ‘Jai Jawaan, Jai Kisaan’.
Shashtri Jayanti
Isn’t it ironical, most of us are not aware of this fact, moreover I have hardly witnessed any type of coverage about Lal Bahadur Shastri or his birth anniversary in any newspaper or on any TV channels.
Here we have collected some links, which can help you know more about Lal Bahadur Shastri.
http://en.wikipedia.org/wiki/Lal_Bahadur_Shastri
A nice poem about Shastri ji.
http://www.sscnet.ucla.edu/southasia/History/Independent/Shastri.html
http://www.diggstars.com/1-13-5693/Lal_Bahadur_Shastri.html
A nice article about Shastri ji
Why has history forgotten this giant?
So, go ahead read about Lal Bahadur Shastri, and do tell others about this forgotten National Hero.
Friday, 2 October 2009
शुन्यता है खालीपन है और है अभाव आनंद का ;
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Thursday, 1 October 2009
गाँधी जी के तीन बंदर
पिछले २ अक्टूबर २००८ की शामगांधीजी के तीन बंदर राज घाट पे आए.
और एक-एक कर गांधी जी से बुदबुदाए,
पहले बंदर ने कहा-
''बापू अब तुम्हारे सत्य और अंहिंसा के हथियार,
किसी काम नही आ रहे हैं ।
इसलिए आज-कल हम भी एके४७ ले कर चल रहे हैं। ''
दूसरे बंदर ने कहा-
''बापू शान्ति के नाम ,
आज कल जो कबूतर छोडे जा रहे हैं,
शाम को वही कबूतर,नेता जी की प्लेट मे नजर आ रहे हैं । ''
तीसरे बंदर ने कहा-
''बापू यह सब देख कर भी,
हम कुछ कर नही पा रहे हैं ।
आख़िर पानी मे रह कर ,
मगरमच्छ से बैर थोड़े ही कर सकते हैं ? ''
तीनो ने फ़िर एक साथ कहा --
''अतः बापू अब हमे माफ़ कर दीजिये,
और सत्य और अंहिंसा की जगह ,कोई दूसरा संदेश दीजिये। ''
इस पर बापू क्रोध मे बोले-
'' अपना काम जारी रखो,
यह समय बदल जाएगा ।
अमन का प्रभात जल्द आयेगा । ''
गाँधी जी की बात मान,
वे बंदर अपना काम करते रहे।
सत्य और अंहिंसा का प्रचार करते रहे ।
लेकिन एक साल के भीतर ही ,
एक भयानक घटना घटी ।
इस २ अक्टूबर २००९ को ,
राजघाट पे उन्ही तीन बंदरो की,
सर कटी लाश मिली ।
Tuesday, 29 September 2009
मेरी जुदाई को और जुदा कैसे करोगे तुम /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Sunday, 27 September 2009
सब्र कर कुछ दिन
रा आने दे ,बड़ने दे जजबातों को ;
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Thursday, 24 September 2009
केशों से ढलकता पानी है ;

केशों से ढलकता पानी है ;
रिमझिम बरसते मौसम की अजब रवानी है ;
महकते फुल हैं ,मदहोशी का शमा है ;
भीगा बदन ,गहरी सांसें अरमां जवां है ;
झिझकती काया है ,उफनते जजबातों की माया है ;
कामनाएं फैला रही हैं अपने अधिकारों को ;
संस्कार की रीतियाँ रोक रही है भावनावों को ;
मन उलझा हुआ है , तन बहका हुआ है ;
डर रह रह के उभर आता है सीमाएं टूट न जायें ;
अरमां आगे बडाते हैं ये लम्हा छुट न जाए ;
स्वर्गिक अनुभूति है पर ज़माने की भी कुछ रीती है ;
प्रिती प्यासी है ख़ुद पे बस कहाँ बाकी है ;
झिझक ,तड़प ,प्यास ,विस्वास ,खुशियाँ और उदाशी हैं ;
आंनद बिखरा पूरे माहोल में है ;
वो सिमटा मेरे आगोस में है ;
मन झूमा तन आह्लादित है ;
बिजलियाँ कौंध रही मनो उल्लासित हैं ;
ह्रदय में द्विक संगीत सा बज रहा है कुछ ;
प्यार की जीत है , बंधन और दूरी झूट है ;
प्यार भी इक पूजा है ,इसके बिना जीवन अजूबा है ;
मिलन भी एक सच है , इश्क भी इक रब है ;
अरमान विजीत है , मन हर्षित है ;
धरती महक रही भीनी खुसबू से ;
पेडों की हरियाली अदभुत है ;
एक अनोखी अनुभूति है छाई ;
वो अब भी है मेरे बाँहों में समाई /
क्या उत्सव है ,क्या है ये लम्हा ;
सांसों का सांसों में मिलना ;
रुक जा वक्त अनमोल ये लम्हा ;
क्या सच है ये ; या है इक सपना /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
Monday, 21 September 2009
अधीरता का मंजर मुझमे है ;
अधीरता का मंजर मुझमे है ;
अव्यक्त की सहजता तुझमे है ;
नदी का वेग हूँ , मन का आवेश हूँ ;
प्यार का झोखा हूँ , सावन अनोखा हूँ ;
तू बहती हवा है ,बादल और निशा है ;
आखों का धोखा है ;स्वार्थ का सखा है ;
मै भावना से ओतप्रोत हूँ ,पानी का स्रोत हूँ ;
तू बिखरी हुयी माया है ;छल और छाया है ,
तुने सहजता का गुन पाया है /
मै स्थिरता हूँ ,जड़ता हूँ ;
रमा हूँ एक भावः में ;
इसीलिए अधीरता का मंजर पाया है /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
====
( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
====
हिन्दी लेखको -कवियों की तस्वीरे


बड़े-बड़े अभिनेताओ के छोटी उम्र की तस्वीरे -----------------
उज़्बेक साहित्य में स्त्री लेखन : प्रमुख साहित्यकारों की सूची
उज़्बेक साहित्य में स्त्री लेखन : प्रमुख साहित्यकारों की सूची नोट: नीचे दी गई सूची में आपके साझा हिंदी संकलन में उल्लिखित साहित्यकारों के ...
Popular Posts
-
***औरत का नंगा जिस्म ********************* शायद ही कोई इस दुनिया में हो , जिसे औरत का जिस्म आकर्षित न करता हो . अगर सारे आवरण हटा क...
-
जी हाँ ! मैं वृक्ष हूँ। वही वृक्ष , जिसके विषय में पद््मपुराण यह कहता है कि - जो मनुष्य सड़क के किनारे तथा...
-
Factbook on Global Sexual Exploitation India Trafficking As of February 1998, there were 200 Bangladeshi children and women a...
-
अमरकांत की कहानी -जिन्दगी और जोक : 'जिंदगी और जोक` रजुआ नाम एक भिखमंगे व्यक्ति की कहानी है। जिसे लेखक ने मुहल्ले में आते-ज...
-
अनेकता मे एकता : भारत के विशेष सन्दर्भ मे हमारा भारत देश धर्म और दर्शन के देश के रूप मे जाना जाता है । यहाँ अनेको धर...
-
अर्गला मासिक पत्रिका Aha Zindagi, Hindi Masik Patrika अहा जिंदगी , मासिक संपादकीय कार्यालय ( Editorial Add.): 210, झेलम हॉस्टल , जवा...
-
अमरकांत की कहानी -डिप्टी कलक्टरी :- 'डिप्टी कलक्टरी` अमरकांत की प्रमुख कहानियों में से एक है। अमरकांत स्वयं इस कहानी के बार...
-
Statement showing the Orientation Programme, Refresher Courses and Short Term Courses allotted by the UGC for the year 2011-2012 1...






















