एक जुगनू है कि अँधेरे से हारा नहीं।
और तुम रोते रहे कि कोई हमारा नहीं।
जिसे बड़ी लंबी छलाँग लगानी होती है
उसे हौसलों के सिवा कोई सहारा नहीं।
अपनी हार को अपनी जीत में बदलना।
इससे ख़ूबसूरत कोई और नज़ारा नहीं।
जंगल, मिट्टी, पानी, पहाड़, हवा और नदी
इनसे बढ़कर कोई हमारा-तुम्हारा नहीं।
परिंदे को उड़ने का हुनर सीखना होगा
आसमानों में कभी किसी को पुकारा नहीं।
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