अपने समय पर यह फूल महक जाएगा
बाग़ में नाम इसका भी चमक जाएगा।
जब यह भी अपने पूरे शबाब पर आएगा
दिल औरों का भी तेज़ी से धड़क जाएगा।
रईसी को बोलना बहुत ही कम पड़ता है
जेब में सिक्का होगा तो खनक जाएगा।
व्यवस्था लगातार तोड़ रही है भरोसा तो
यह आम आदमी एक दिन सनक जाएगा।
बेवजह धमकाते हो रोज़ जिस ग़रीब को
मुट्ठियाँ ताने एक रोज़ वह भी धमक जाएगा।
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