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कल्याण में विश्व ब्राह्मण समाज का 21वाँ भव्य वर-वधू परिचय सम्मेलन सम्पन्न; सामाजिक एकता, संस्कार और पारिवारिक संवाद पर रहा विशेष जोर





“ब्राह्मण समाज अपनी गरिमा के अनुरूप समाजहित में एकजुट होकर आगे बढ़ता रहे” — विधायक संजय उपाध्याय

कल्याण में विश्व ब्राह्मण समाज का 21वाँ भव्य वर-वधू परिचय सम्मेलन सम्पन्न; सामाजिक एकता, संस्कार और पारिवारिक संवाद पर रहा विशेष जोर

कल्याण, 16 अगस्त 2026। विश्व ब्राह्मण समाज–कल्याण एवं सरयू-पारीण ब्राह्मण मंच फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 16 अगस्त 2026 को के. एम. अग्रवाल कॉलेज ऑडिटोरियम, गांधारी, कल्याण (पश्चिम) में 21वाँ भव्य वर-वधू परिचय सम्मेलन उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। विवाह योग्य युवक-युवतियों और उनके परिवारों को एक सुव्यवस्थित सामाजिक मंच पर परस्पर परिचय एवं संवाद का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस सम्मेलन में मुंबई महानगर क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों से समाजबंधुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सतीश पाण्डेय ने की।

सम्मेलन की विशेष गरिमा बोरीवली से भाजपा विधायक संजय उपाध्याय तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल की उपस्थिति से बढ़ी। दोनों अतिथियों का आयोजकों एवं उपस्थित समाजबंधुओं ने स्वागत किया। कार्यक्रम में सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक, वरिष्ठजन, अभिभावक, युवक-युवतियाँ तथा विश्व ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

“सामाजिक हित में एक होकर आगे बढ़ना समय की आवश्यकता”

विधायक संजय उपाध्याय ने अपने संबोधन में ब्राह्मण समाज की सामाजिक एवं सांस्कृतिक भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने समाज से अपनी गरिमा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक उत्तरदायित्व के अनुरूप संगठित होकर समाजहित में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उनका कहना था कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता, पारस्परिक सहयोग और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजगता में निहित होती है।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि समाज के लोगों को व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ-साथ सामूहिक हित और समाज की प्रगति के विषय में भी विचार करना चाहिए। बदलते समय में नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक सरोकारों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने वर-वधू परिचय सम्मेलन जैसे आयोजनों को इसी सामाजिक एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उनके संबोधन को उपस्थित समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक सुना।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने भी आयोजन की सराहना करते हुए वर-वधू परिचय सम्मेलन की सामाजिक उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने ऐसे आयोजनों को केवल वैवाहिक परिचय तक सीमित न मानते हुए समाज के विभिन्न परिवारों को एक-दूसरे के निकट लाने और आपसी संपर्क को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बताया। सम्मेलन में उपस्थित परिवारों और युवाओं की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक सामाजिक स्वरूप प्रदान किया।

डॉ. सतीश पाण्डेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ सम्मेलन

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. सतीश पाण्डेय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सामाजिक जीवन में संवाद, सहयोग और पारिवारिक संबंधों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं और बदलती सामाजिक परिस्थितियों के बीच समाज आधारित परिचय सम्मेलन परिवारों के बीच प्रत्यक्ष संवाद का अवसर उपलब्ध कराते हैं। इससे विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक निर्णय में युवक-युवतियों और उनके अभिभावकों को एक-दूसरे को समझने का बेहतर अवसर मिलता है।

उन्होंने आयोजन को सामाजिक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में सार्थक पहल बताते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन समाज के विभिन्न वर्गों और परिवारों के बीच संपर्क बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को सामाजिक संरचना से जोड़ने में भी उपयोगी सिद्ध होते हैं।

परिचय के साथ स्नेह-मिलन और सम्मान का भी बना मंच

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः पंजीकरण एवं चाय-नाश्ते के साथ हुआ। इसके पश्चात वर-वधू परिचय सम्मेलन का प्रमुख सत्र आयोजित किया गया। इसमें विवाह योग्य युवक-युवतियों तथा उनके अभिभावकों को परस्पर परिचय और संवाद का अवसर प्राप्त हुआ। सम्मेलन का वातावरण आत्मीय एवं पारिवारिक रहा और बड़ी संख्या में उपस्थित समाजबंधुओं ने एक-दूसरे से संपर्क स्थापित किया।

आयोजन की विशेषता यह रही कि इसे केवल विवाह संबंधी परिचय तक सीमित न रखते हुए सामाजिक स्नेह-मिलन और सम्मान समारोह का स्वरूप भी दिया गया। वरिष्ठ समाजसेवियों एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की उपस्थिति ने विभिन्न पीढ़ियों के बीच संवाद का अवसर उपलब्ध कराया। सम्मेलन के दौरान सामाजिक एकता, पारस्परिक सहयोग, पारिवारिक मूल्यों तथा नई पीढ़ी को समाज से सक्रिय रूप से जोड़ने जैसे विषय भी प्रमुखता से उभरकर सामने आए।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस प्रकार के परिचय सम्मेलनों की आवश्यकता पर जोर देते हुए माना कि वर्तमान समय में विवाह संबंधी संवाद और संपर्क के साधनों में व्यापक परिवर्तन आया है। ऐसे में समाज द्वारा आयोजित प्रत्यक्ष परिचय सम्मेलन परिवारों को विश्वसनीय सामाजिक वातावरण में एक-दूसरे से मिलने और संवाद करने का अवसर प्रदान करते हैं। यह प्रक्रिया केवल संभावित वैवाहिक संबंधों की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि समाज के भीतर पारस्परिक परिचय और सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

सामाजिक संगठन और नई पीढ़ी के जुड़ाव का संदेश

21वें वर-वधू परिचय सम्मेलन ने एक ओर विवाह योग्य युवक-युवतियों और उनके परिवारों को संवाद का मंच दिया, वहीं दूसरी ओर समाज की सामूहिकता और संगठन की आवश्यकता का संदेश भी दिया। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि परंपरा का संरक्षण तभी सार्थक है जब उसे समयानुकूल दृष्टि के साथ नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाए। युवाओं की शिक्षा, प्रगति और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता भी कार्यक्रम में व्यक्त हुई।

सम्मेलन के विभिन्न चरणों में समाजबंधुओं के बीच आत्मीय संवाद देखने को मिला। स्नेह-मिलन एवं सम्मान समारोह के पश्चात सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई। पूरे आयोजन में सामाजिक सद्भाव, आत्मीयता और सहभागिता का वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम के अंत में विश्व ब्राह्मण समाज–कल्याण के अध्यक्ष डॉ. विजय पंडित ने सम्मेलन में उपस्थित अतिथियों, वर-वधुओं, अभिभावकों, समाजबंधुओं तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के सहयोग और सहभागिता से इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी सामाजिक एकता और पारिवारिक संवाद को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।


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