TYBA हिन्दी के विद्यार्थियों के लिए विशेष सूचना
मुम्बई विश्वविद्यालय के ‘प्रवासी साहित्य’ पाठ्यक्रम पर आधारित उपयोगी अध्ययन-पुस्तक तैयार
मुम्बई विश्वविद्यालय के तृतीय वर्ष कला संकाय—TYBA हिन्दी के दो क्रेडिट पाठ्यक्रम ‘प्रवासी साहित्य’ का अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक विशेष रंगीन अध्ययन-पुस्तक का प्रारूप तैयार किया गया है। पुस्तक का प्रस्तावित शीर्षक है—
प्रवासी साहित्य: सिद्धांत, सृजन और वैश्विक परिप्रेक्ष्य
लेखक: डॉ. मनीष कुमार सी. मिश्रा
एसोसिएट प्रोफेसर, हिन्दी विभाग
के. एम. अग्रवाल कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, कल्याण (पश्चिम)
यह पुस्तक मुम्बई विश्वविद्यालय के निर्धारित पाठ्यक्रम, Course Outcomes तथा परीक्षा-पद्धति को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि प्रवासी साहित्य की अवधारणा, संवेदना, सामाजिक पृष्ठभूमि और वैश्विक महत्त्व से परिचित कराना भी है।
पुस्तक में क्या-क्या मिलेगा?
पुस्तक के प्रथम भाग में प्रवासी साहित्य की सैद्धांतिक पृष्ठभूमि को विस्तार से समझाया गया है। इसमें निम्नलिखित विषय सम्मिलित हैं—
- प्रवासी साहित्य का अर्थ, परिभाषा और स्वरूप
- प्रवास, विस्थापन और डायस्पोरा की अवधारणा
- प्रवासी साहित्य के प्रमुख तत्त्व
- प्रवासी साहित्य की विशेषताएँ
- स्मृति, स्वदेश-बोध और सांस्कृतिक पहचान
- भाषा, परिवार, पीढ़ीगत संघर्ष और वैश्विक नागरिकता
- प्रवासी साहित्य में स्त्री-अनुभव, अकेलापन और आत्मसंघर्ष
- बहुसंस्कृतिवाद, संवाद और मानवीय वैश्विक मूल्य
महत्त्वपूर्ण परिभाषाओं और तथ्यों को प्रमाणित स्रोतों एवं स्पष्ट संदर्भों के साथ प्रस्तुत किया गया है।
निर्धारित छह लेखकों और कहानियों का विस्तृत अध्ययन
पाठ्यक्रम में निर्धारित सभी छह लेखकों के व्यक्तित्व, कृतित्व और साहित्यिक योगदान की चर्चा पुस्तक में की गई है। इसके साथ प्रत्येक कहानी का सविस्तार कथानक, पात्र-परिचय, प्रमुख संवेदना, प्रवासी संदर्भ, भाषा-शैली, शिल्प और शीर्षक की सार्थकता भी समझाई गई है।
पुस्तक में निम्नलिखित कहानियाँ सम्मिलित हैं—
- ‘सूरज क्यों निकलता है’ — सुधा ओम ढींगरा
- ‘मैं रमा नहीं हूँ’ — अनिल प्रभा कुमार
- ‘चिड़िया’ — अमरेन्द्र कुमार
- ‘कब्र का मुनाफा’ — तेजेन्द्र शर्मा
- ‘मन की साँकल’ — ज़ाकिया ज़ुबैरी
- ‘हाईवे–47’ — अर्चना पेन्यूली
प्रत्येक कहानी के अंतर्गत विद्यार्थियों को निम्नलिखित सामग्री प्राप्त होगी—
- लेखक का प्रमाणित परिचय
- प्रमुख रचनाएँ और साहित्यिक योगदान
- कहानी की पृष्ठभूमि
- क्रमबद्ध एवं विस्तृत कथानक
- प्रमुख तथा सहायक पात्रों का विश्लेषण
- कहानी में अभिव्यक्त प्रवासी जीवन
- सामाजिक, सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक समस्याएँ
- प्रतीक, बिम्ब, व्यंग्य और कथा-शिल्प
- कहानी के शीर्षक की सार्थकता
- परीक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण प्रश्न
लेखकों के परिचय के साथ उनके चित्र तथा उपलब्ध स्रोत-संदर्भ भी दिए गए हैं।
परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष सामग्री
यह पुस्तक विद्यार्थियों की परीक्षा-संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मुम्बई विश्वविद्यालय के उपलब्ध पाठ्यक्रम के अनुसार बाह्य परीक्षा 30 अंकों की और एक घंटे की है। इसी परीक्षा-पद्धति को आधार बनाकर पुस्तक में दो संभावित आदर्श प्रश्नपत्र दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त पुस्तक में एक विस्तृत Question Bank भी सम्मिलित किया गया है, जिसमें—
- सैद्धांतिक दीर्घोत्तरीय प्रश्न
- कहानी-आधारित प्रश्न
- लेखक के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से संबंधित प्रश्न
- संदर्भ सहित व्याख्या के अभ्यास
- लघु टिप्पणियाँ
- तुलनात्मक प्रश्न
- शीर्षक-सार्थकता संबंधी प्रश्न
- पात्र-विश्लेषण के प्रश्न
- प्रवासी विमर्श पर आधारित विश्लेषणात्मक प्रश्न
दिए गए हैं।
उत्तर-लेखन में भी मिलेगी सहायता
अच्छी तैयारी के बाद भी अनेक विद्यार्थी उत्तर की उचित संरचना नहीं बना पाते। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए पुस्तक में दस अंकों के उत्तर की संभावित रूपरेखा, भूमिका लिखने की विधि, कथानक और विश्लेषण में अंतर, पाठ-साक्ष्य का प्रयोग तथा प्रभावशाली निष्कर्ष लिखने के संकेत दिए गए हैं।
आंतरिक मूल्यांकन के लिए भी पुस्तक में उपयोगी सामग्री सम्मिलित है—
- परियोजना-विषय
- प्रस्तुतीकरण के विषय
- कक्षा-विमर्श और वाद-विवाद
- Viva के संभावित प्रश्न
- स्वाध्याय गतिविधियाँ
- पुनरावलोकन अभ्यास
पुस्तक की विशेषताएँ
यह केवल सामान्य गाइड या संक्षिप्त नोट्स की पुस्तक नहीं है। इसे अकादमिक प्रामाणिकता और विद्यार्थी-उपयोगिता के संतुलन के साथ तैयार किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं—
- मुम्बई विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम पर आधारित सामग्री
- सरल, स्पष्ट और अकादमिक हिन्दी
- प्रमाणित एवं स्रोत-सचेत लेखन
- आकर्षक रंगीन प्रस्तुति
- तालिकाएँ, आरेख और तुलनात्मक अध्ययन-सामग्री
- कहानी और आलोचना के बीच संतुलन
- परीक्षा, परियोजना और प्रस्तुतीकरण के लिए उपयोगी सामग्री
- त्वरित पुनरावलोकन तथा उत्तर-लेखन संबंधी मार्गदर्शन
पुस्तक लिंक ;
प्रवासी साहित्य: सिद्धांत, सृजन और वैश्विक परिप्रेक्ष्य
डॉ. मनीष कुमार सी. मिश्रा
एसोसिएट प्रोफेसर, हिन्दी विभाग
के. एम. अग्रवाल कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय
कल्याण (पश्चिम), महाराष्ट्र
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