Saturday, 6 February 2010

इस वेलेंटाइन डे पर

इस वेलेंटाइन डे पर 
 मिलना तुम मुझसे  लेकिन,
किसी उपहार के साथ नहीं .
बल्कि खुद आना मेरे जीवन का उपहार बन के .
लाल गुलाबों का  गुलदस्ता नहीं,
अपनी ही बांहों का हार लेकर .
प्यार के शब्दों वाला कोई ग्रीटिंग कार्ड नहीं,
प्यार का नयनों में भाव भरकर .
इस वेलेंटाइन डे पर ,
मेरी सबसे खूबसूरत कल्पना का,
तुम यथार्थ बन कर आना .
खामोश हैं सालों से जो भाव,
उनके लिए कुछ गहरे ,सच्चे  शब्द भी लाना .
इस वेलेंटाइन डे पर ,
कुछ मीठा भी हो इसी लिए ,
दे देना  यदि चाहो तो -
अपने अधरों का चुम्बन .
जिसके बंधन में फिर जीवन ,
बंधा रहे जन्मों -जन्मों तक . 
इस वेलेंटाइन डे पर ,
आना जब भी तुम चाहो 
कहना जो भी तुम चाहो 
 लेना जो भी तुम चाहो 

 पर कह देना वो भी जो , अब तक नहीं कहा .
इस वेलेंटाइन डे पर ,
 आना ----------------------------.

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