सब दोस्त यार दिलवाले रखना
सुख-दुःख उन्हें संभाले रखना।
जीवन का क्या, पल दो पल है
उसकी यादों के उजाले रखना।
आएगी एक दिन सच है लेकिन
तू हँस कर मौत को टाले रखना।
जाने कब वो मिल जाए ख़ज़ाना
तुम इश्क़- ए- जुनून पाले रखना ।
जिनसे खुलकर बात कर सको
ऐसे यार दोस्त हम प्याले रखना ।
डॉ मनीष कुमार मिश्रा
के एम अग्रवाल महाविद्यालय
कल्याण पश्चिम महाराष्ट्र ।

क्या ख़ूब लिखा है 👏 यार दोस्त हमप्याले रखना ।
ReplyDeleteवाह
ReplyDeleteबेहतरीन पंक्तियाँ
ReplyDelete