आहत मन को प्यार से जीतो , जजबातों को भाव से जीतो ; कठिन समय को सब्र से जीतो , जीवन को तुम कर्म से जीतो / दुविधावों को धर्म से परखो , रिश्तों को तुम मर्म से परखो ; अभावों से जूझना सीखो ; खुद पे तुम हँसना सीखो / राहें तेरी राह तकेंगी , मंजिल तेरा मान करेगी , कठिनाई में अपनो को जीतो , अच्छाई में सबको पूंछों / करुणा मत खोना तुम कभी , अभिमान सजोना ना तुम कभी ; नम्रता गुण है अच्छायी का ; झुकना आभूषण है ऊँचाई का / अपने मन पे राज करो तुम , माया पे अधिकार करो तुम ; सत से ना तुम पीछे हटना ; ना अपना ना दूजा तू करना /
हिन्दी साहित्य, भाषा-विज्ञान, समाज-विज्ञान, भारतीय संस्कृति और सिनेमा पर प्रामाणिक शोधपरक आलेख। संपादक: डॉ. मनीष कुमार मिश्रा।