ब्लॉग संरक्षक
डॉ. मनीष कुमार मिश्रा
भारतीय वैदिक और पौराणिक परंपरा में अनेक महत्वपूर्ण स्त्री पात्र हैं। इन्हें देवी, ऋषिका, मातृ-पात्र, राजपरिवार की स्त्रियाँ और कथानायिकाएँ आदि रूपों में देखा जा सकता है।
वेदों की प्रमुख स्त्री पात्र / ऋषिकाएँ
| स्त्री पात्र | संक्षिप्त परिचय |
|---|---|
| अदिति | देवताओं की माता; अनंतता और व्यापकता की प्रतीक |
| उषा | प्रातःकाल की देवी; सौंदर्य, नवजीवन और आशा का प्रतीक |
| सरस्वती | ज्ञान, वाणी और विद्या से संबद्ध देवी |
| वाक् (वाग्देवी) | वाणी और सृजनात्मक शक्ति का प्रतीक; ऋग्वेद में प्रसिद्ध वाक् सूक्त |
| पृथ्वी | धरती की देवी और जीवन-धारण करने वाली शक्ति |
| रात्रि | रात्रि की देवी; ऋग्वेद में रात्रि सूक्त प्रसिद्ध है |
| लोपामुद्रा | ऋषि अगस्त्य की पत्नी और ऋग्वैदिक ऋषिका |
| घोषा | ऋग्वेद की प्रसिद्ध ऋषिका |
| अपाला | ऋग्वेद में उल्लिखित ऋषिका |
| विश्ववारा | ऋग्वेद की ऋषिका |
| रोमशा | वैदिक ऋषिका |
| शची/इन्द्राणी | इंद्र की पत्नी; वैदिक साहित्य में उल्लेखित |
| सूर्या | विवाह सूक्त से संबद्ध स्त्री पात्र; वैदिक विवाह परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक |
उपनिषदों और वैदिक परंपरा की प्रमुख स्त्रियाँ
1. गार्गी वाचक्नवी — राजा जनक की सभा में याज्ञवल्क्य से दार्शनिक प्रश्न करने वाली विदुषी।
2. मैत्रेयी — याज्ञवल्क्य की पत्नी; आत्मा, अमरत्व और ज्ञान के संबंध में उनके संवाद प्रसिद्ध हैं।
3. भारती — मंडन मिश्र की पत्नी के रूप में परंपरा में प्रसिद्ध विदुषी; शंकराचार्य के साथ शास्त्रार्थ की कथा से जुड़ी हैं।
पुराणों की प्रमुख स्त्री पात्र
| पात्र | प्रमुख पहचान |
|---|---|
| पार्वती | शिव की पत्नी; शक्ति, तपस्या और मातृत्व की प्रतीक |
| दुर्गा | दैत्य-विनाशिनी शक्ति; महिषासुरमर्दिनी के रूप में प्रसिद्ध |
| काली | शक्ति का उग्र रूप |
| लक्ष्मी | विष्णु की पत्नी; समृद्धि और सौभाग्य की देवी |
| सरस्वती | विद्या, संगीत और वाणी की देवी |
| गंगा | पवित्र नदी की देवी; भागीरथ की कथा से जुड़ी |
| सीता | राम की पत्नी; त्याग, धैर्य और संघर्ष का महत्वपूर्ण पात्र |
| राधा | कृष्ण-भक्ति और प्रेम की प्रमुख प्रतीक |
| रुक्मिणी | कृष्ण की पत्नी; भागवत परंपरा में महत्वपूर्ण |
| सत्यभामा | कृष्ण की पत्नी; आत्मसम्मान और व्यक्तित्व के लिए प्रसिद्ध |
| देवकी | कृष्ण की माता |
| यशोदा | कृष्ण की पालक माता; वात्सल्य का आदर्श |
| कुंती | पांडवों की माता; महाभारत की केंद्रीय स्त्री पात्र |
| गांधारी | धृतराष्ट्र की पत्नी और कौरवों की माता |
| द्रौपदी | पाँच पांडवों की पत्नी; महाभारत की अत्यंत महत्वपूर्ण नायिका |
| सुभद्रा | कृष्ण की बहन और अर्जुन की पत्नी |
| अंबा | भीष्म के साथ जुड़ी कथा और प्रतिशोध के लिए प्रसिद्ध |
| अंबिका | धृतराष्ट्र की माता |
| अंबालिका | पांडु की माता |
| मद्री | पांडु की दूसरी पत्नी और नकुल-सहदेव की माता |
| उत्तरा | अभिमन्यु की पत्नी और परीक्षित की माता |
| हिडिंबा | भीम की पत्नी और घटोत्कच की माता |
| शकुंतला | दुष्यंत की पत्नी और भरत की माता |
| सावित्री | सत्यवान की पत्नी; यम से संवाद और पति के जीवन की पुनर्प्राप्ति की कथा |
| दमयंती | नल की पत्नी; प्रेम, धैर्य और संघर्ष की प्रसिद्ध कथा |
| अनसूया | अत्रि ऋषि की पत्नी; पतिव्रता और तपस्या के लिए प्रसिद्ध |
| अरुंधती | वशिष्ठ की पत्नी; आदर्श दांपत्य और तपस्या की प्रतीक |
| देवहूति | कर्दम ऋषि की पत्नी और कपिल की माता |
| शतरूपा | मनु की पत्नी और मानव वंश की आदिमाता के रूप में वर्णित |
| अहल्या | गौतम ऋषि की पत्नी; रामायण की प्रसिद्ध कथा से संबद्ध |
| तारा | बृहस्पति की पत्नी तथा चंद्र से जुड़ी कथा में महत्वपूर्ण |
| मंदोदरी | रावण की पत्नी; विवेक और नीति-बोध के लिए प्रसिद्ध |
| कैकेयी | दशरथ की पत्नी और भरत की माता |
| कौशल्या | राम की माता |
| सुमित्रा | लक्ष्मण और शत्रुघ्न की माता |
| शूर्पणखा | रामायण की महत्वपूर्ण राक्षसी पात्र |
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Share Your Views on this..