Chapter 7
CO–PO Mapping: Methodology, Correlation Matrix and Attainment Framework
प्रस्तावना
CO–PO Mapping Outcome-Based Education (OBE) का केंद्रीय घटक है। इसके माध्यम से यह निर्धारित किया जाता है कि किसी पाठ्यक्रम के Course Outcomes (COs) कार्यक्रम के Programme Outcomes (POs) में किस सीमा तक योगदान करते हैं।
7.1 CO–PO Mapping का उद्देश्य
• प्रत्येक CO का सम्बन्ध उपयुक्त PO से स्थापित करना। • पाठ्यक्रम एवं कार्यक्रम के बीच शैक्षणिक सामंजस्य सुनिश्चित करना। • CO Attainment के आधार पर PO Attainment की गणना करना।
7.2 Mapping के सिद्धान्त
Mapping केवल विषय-वस्तु के आधार पर नहीं, बल्कि CO में प्रयुक्त Action Verb, अपेक्षित दक्षता, Bloom's स्तर तथा Programme Outcomes से उसके तार्किक सम्बन्ध के आधार पर किया जाना चाहिए।
7.3 Correlation Scale
3 = High Correlation (CO सीधे PO को प्राप्त करता है)
2 = Moderate Correlation (CO आंशिक रूप से PO को प्राप्त करता है)
1 = Low Correlation (सीमित योगदान)
Blank/– = कोई सम्बन्ध नहीं
7.4 उदाहरणात्मक CO–PO Matrix
7.5 CO–PO Mapping की प्रक्रिया
चरण 1: Programme Outcomes तैयार करें।
चरण 2: प्रत्येक Course Outcome लिखें।
चरण 3: Bloom's स्तर निर्धारित करें।
चरण 4: Correlation Scale (3–2–1) लागू करें।
चरण 5: Mapping को विभागीय समिति द्वारा सत्यापित करें।
7.6 CO Attainment से PO Attainment
प्रत्येक CO का Attainment प्रतिशत प्राप्त करने के बाद उसी CO के Mapping Weight (3,2,1) के आधार पर PO Attainment का भारित औसत (Weighted Average) निकाला जाता है।
7.7 Validation Checklist
क्या सभी CO किसी न किसी PO से जुड़े हैं? क्या Mapping का औचित्य स्पष्ट है? क्या Mapping Bloom's स्तर एवं Programme Objectives के अनुरूप है?
7.8 Best Practices
विभागीय समिति द्वारा Mapping की समीक्षा करें, प्रत्येक संशोधन का अभिलेखीकरण करें तथा हर शैक्षणिक वर्ष के अंत में CQI के आधार पर आवश्यक परिवर्तन करें।
7.9 अध्याय का सार
वैज्ञानिक CO–PO Mapping से पाठ्यक्रम की गुणवत्ता, मूल्यांकन की पारदर्शिता तथा NAAC/NBA के अनुरूप Outcome Attainment सुनिश्चित होता है।
“Effective CO–PO Mapping transforms assessment data into evidence of academic quality.”
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