सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

परिसंवाद रिपोर्ट -2014 वैकल्पिक पत्रकारिता और सामाजिक सरोकार

परिसंवाद रिपोर्ट -2014
वैकल्पिक पत्रकारिता और सामाजिक सरोकार
(शुक्रवार-शनिवार, 07-08 फरवरी 2014)

               विश्वविद्यालय अनुदान आयोग,भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद्,नई दिल्ली  (ICSSR),महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी एवं हिंदी विभाग,के.एम.अग्रवाल कला,वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय,कल्याण (प.)के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित द्वि दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिंदी परिसंवाद वैकल्पिक पत्रकारिता और सामाजिक सरोकार(शुक्रवार-शनिवार, 07-08 फरवरी 2014) को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ ।      
              शुक्रवार, 07 फरवरी 2014 को  पंजीकरण और जलपान सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक रहा ।  उद्घाटन सत्र सुबह 10.30 से 12.30 बजे तक प्रस्तावित था । जिसमें           
अध्यक्ष के रूप में डॉ आर.बी.सिंह (अध्यक्ष – के.एम.अग्रवाल महाविद्यालय) ,लोकार्पणकर्ता श्री विजयनारायण पंडित ( सचिव - के.एम. अग्रवाल महाविद्यालय),स्वागत भाषण ,डॉ.अनिता मन्ना (प्राचार्या - के.एम.अग्रवाल महाविद्यालय), बीज़ भाषण श्री हरिवंश जी ( संपादक - प्रभात ख़बर ),प्रमुख अतिथि  डॉ. दामोदर खड्से  ( कार्याध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी  ),विशेष अतिथि :- डॉ निर्मल कुमार ( विजिटिंग प्रोफेसर, वियना यूनिवर्सिटी, आस्ट्रिया ),डॉ. रामजी तिवारी ( पूर्व अध्यक्ष – हिंदी विभाग, मुंबई विद्यापीठ ) उपस्थित थे । सत्र का संचालन डॉ. विरेन्द्र कुमार मिश्रा (संयोजक एवं अध्यक्ष - बाटनी विभाग, के.एम.अग्रवाल महाविद्यालय) ने किया । इसके उपरांत दोपहर का भोजन 12.30 से 1.30 बजे तक सुनिश्चित था ।

        प्रथम चर्चा सत्र (1.30 बजे से 3.00 बजे तक ) प्रस्तावित था । इस सत्र के अध्यक्ष डॉ टी.एन.राय ( सदस्य, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, महाराष्ट्र ),विशेष अतिथि श्री निराला जी ( वरिष्ठ पत्रकार,तहलका ),श्री अनुराग चतुर्वेदी जी (सदस्य, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, महाराष्ट्र  ) जी उपस्थित थे ।  प्रपत्र वाचक के रूप में डॉ गंगासहाय मीणा जी (प्राध्यापक, जे.एन.यू., नई दिल्ली ,डॉ. मुकेश कुमार मिरोठा, (प्राध्यापक - जामिया मिल्लिया इस्लामिया,नई दिल्ली),कु.ज्योति शर्मा (प्राध्यापिका – (लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, पंजाब ),श्री रजनीश मिश्रा ( शोध छात्र – पांडीचेरी विश्वविद्यालय ), श्रीमती रीना थामस (प्राध्यापिका – संत अलायसिस कालेज, जबलपुर ), डॉ. रमा सिंह ( महाराष्ट्र कालेज़ , मुंबई ),सत्र संयोजन एवं संचालन :- डॉ. आर.बी.सिंह ( उप प्राचार्य, अग्रवाल कालेज़ ) जी रहे । प्रथम समानांतरचर्चा सत्र (1.30 बजे से 3.00 बजे तक ) सुनिश्चित था । जिसके अध्यक्ष डॉ सतीश पाण्डेय ( हिंदी विभाग प्रमुख – के.जे.सोमैया महाविद्यालय,मुंबई ),विशेष अतिथि -डॉ प्रभात मित्तल ( पोस्ट डॉक्टरल फेलो, यूनिवर्सिटी आफ़ मिनीसोटा,USA), डॉ. ईश्वर पवार  (हिंदी विभाग प्रमुख – बोरा कालेज़ , शिरूर ) थे । प्रपत्र वाचक के रूप में  डॉ आरती झा ( प्राध्यापिका, सहडोल, मध्य प्रदेश, डॉ सुरेखा प्रेमचंद मंत्री  ( प्राध्यापिका, महाराष्ट्र ), डॉ.गिरीश वी वेलियत ( प्राध्यापक, गुजरात ), प्रो. बारिया ईला टी. (प्राध्यापिका, मुंबई ),  डॉ॰ चन्द्रप्रकाश मिश्र ( प्राध्यापक, नई दिल्ली),डॉ. सतीश अर्जुन घोरपड़े ( प्राध्यापक – माउली महाविद्यालय , सोलापुर, डॉ. नारायण राठोड़ ( प्राध्यापक ), श्रीमती अनिता लक्ष्मणराव ठाकरे ( प्राध्यापिका – छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश ), डॉ. शमा ( प्राध्यापिका एवं उप प्राचार्या – डिबाई, बुलंदशहर ) , डॉ पुष्पा पुष्पध ( प्राध्यापिका, NDA, पुणे ) थी । सत्र संयोजक :- डॉ. महेश भिवंडीकर ( वरिष्ठ प्राध्यापक – अग्रवाल महाविद्यालय ) थे । संचालन : डॉ.के.पी.सिंह. (प्राध्यापक, एटा, उत्तर प्रदेश ) जी ने किया ।
       द्वितीय चर्चा सत्र :- ( 3.00 बजे से 4.30 बजे तक ) प्रस्तावित था । जिसके अध्यक्ष :- डॉ आर.पी.त्रिवेदी (पूर्व प्राचार्य, बिर्ला महाविद्यालय, कल्याण ),विशेष अतिथि :- डॉ. हरीश अरोड़ा ( हिंदी प्राध्यापक – दिल्ली वि. ),श्री शैलेश मरजी क़दम ( प्राध्यापक – म.गाँ.अ.हि.वि., वर्धा ) जी थे । प्रपत्र वाचक के रूप में - डॉ. चमनलाल शर्मा ( प्राध्यापक – रतलाम , मध्यप्रदेश ) ,प्रा. अर्जुन पवार  (महाराष्ट्र ), डॉ. सूर्यकांत नाथ (प्राध्यापक – NDA, पुणे ) ,डॉ. रावेन्द्र शाहू ( प्राध्यापक – रींवा, मध्य प्रदेश ),डॉ कल्पना जे. मोदी ( प्राध्यापिका – मुंबई ),डॉ. संतोष मोटवानी ( उप प्राचार्य एवं हिंदी विभाग प्रमुख – आर.के.टी. कालेज ), श्री नारायण बागुल ( मुरुंड- जंजीरा, महाराष्ट्र ) थे । सत्र संयोजक :- डॉ (श्रीमती) रत्ना निंबालकर ( उप प्राचार्या – अग्रवाल महाविद्यालय ) एवं संचालन :- डॉ. मिथलेश शर्मा ( हिंदी विभाग प्रमुख – आर. जे . कालेज, घाटकोपर ) ने किया । द्वितीय समानांतर चर्चा सत्र :- ( 3.00 बजे से 4.30 बजे तक ) प्रस्तावित था । इस सत्र के अध्यक्ष डॉ अनिल सिंह (अध्यक्ष, हिंदी विभाग, एस.बी.कालेज, शाहपुर),विशेष अतिथि :- श्री अनिल सिंह ( वरिष्ठ हिंदी ब्लागर एवं पत्रकार, मुंबई )
प्रपत्र वाचक- डॉ नीतू दुबे ( प्राध्यापिका, भोपाल ), डॉ हेमलता सुमन ( प्राध्यापिका, शिकोहाबाद ),डा.श्रीमती सुनीता विवेक तेरगाँवकर ( प्राध्यापिका, बैंगलुरु ),डॉ लक्ष्मी पाण्डेय ( प्राध्यापिका, सागर, मध्य प्रदेश ),रामशंकर ( शोध छात्र, वर्धा ), डॉ. प्रतिमा यादव ( प्राध्यापिका, मध्य प्रदेश ), डॉ.अरूणा हिरेमठ ( प्राध्यापिका, रायचूर ), डॉ. उमेश चन्द्र शुक्ल ( प्राध्यापक, मुंबई ), डॉ. बालकवि सुरंजे ( अध्यक्ष- हिंदी विभाग , बिर्ला कालेज, कल्याण ), डॉ मिथलेश शर्मा ( अध्यक्ष-हिंदी विभाग, आर.जे.कालेज,मुंबई ),सत्र संयोजक :-डॉ. वि.के. मिश्रा ( वरिष्ठ प्राध्यापक – अग्रवाल महाविद्यालय ),संचालन :- डॉ. रावेन्द्र शाहू ( वरिष्ठ हिंदी प्राध्यापक, सतना ) जी ने किया । इसके बाद  चाय-पान :- शाम 4.30 से 5.00 बजे तक हुआ । इसतरह पहले दिन का कार्यक्रम संपन्न हुआ ।

              शनिवार, 08 फरवरी 2014 की शुरुआत जलपान द्वारा  सुबह 9.00 से 10.00 बजे तक हुई ।
तृतीय चर्चा सत्र :- (सुबह 10.00 बजे से 11.30 बजे तक ) प्रस्तावित था । जिसके अध्यक्ष :- श्री चंचल जी  ( वरिष्ठ पत्रकार , उत्तर प्रदेश  ),विशेष अतिथि :- डॉ गंगसहाय मीणा ( दिल्ली )प्रपत्र वाचक :-- डॉ. कैरोलीन सैनी ( मध्य प्रदेश ), डॉ अंजू पांचाल ( दिल्ली ), डॉ सी.एल.गोसाई ( गुजरात ),डॉ के.डी.कलसारिया ( गुजरात ), ज्योती शर्मा , अनुराग भारद्वाज ( पंजाब ), डॉ महात्मा पाण्डेय  ( साठेय कालेज़  ),डॉ. विजय गाड़े (महाराष्ट्र ) ,सत्र संयोजक :- डॉ. वी. के. मिश्रा ( वरिष्ठ प्राध्यापक, अग्रवाल कालेज ),संचालन :- डॉ. विजय अवस्थी ( नाशिक ) जी ने किया । तृतीय समानांतर चर्चा सत्र  :- (सुबह 10.00 बजे से 11.30 बजे तक ) था । अध्यक्ष :- डॉ. आर.पी.त्रिवेदी ( पूर्व अध्यक्ष हिंदी विभाग – बिड़ला कालेज, कल्याण  )विशेष अतिथि :- श्री शैलेष भारतवासी – (हिंदी ब्लागर, नई दिल्ली  ),प्रपत्र वाचक :- डॉ भाऊसाहेब नवनाथ नवले ( महाराष्ट्र ),श्री साकेत रमन ( मध्य प्रदेश ),चंदा गुप्ता (पंजाब ),सुष्मिता जैसवाल (पंजाब ), राजवंत कौर (पंजाब ),मोहित शर्मा( पंजाब  ), डॉ.श्यामसुंदर पाण्डेय  ( कल्याण, महाराष्ट्र ), डॉ.हर्षा त्रिवेदी ( उदयपुर ),प्रा. डॉ हरदीप सिंह (लुधियाना ),डॉ सोनू चौरे ( इटारसी ),रूबी पाण्डेय ( सागर ),सत्र संयोजक :- डॉ. रत्ना निमबालकर ( उप प्राचार्य- अग्रवाल कालेज ),संचालन डॉ ऋषिकेश मिश्रा ( मुंबई ) ने किया ।
     चतुर्थ चर्चा सत्र :- ( 11.30 बजे से 1.00 बजे तक ) अध्यक्ष :- डॉ निर्मल कुमार ( विजिटिंग प्रोफ़ेसर, वियना यूनिवर्सिटी, आस्ट्रिया),विशेष अतिथि :- डॉ किम कोजांग ( हिंदी विद्वान, उत्तर कोरिया )प्रपत्र वाचक :- डॉ नाजिश फातिमा ( प्राध्यापिका- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ), डॉ धीरेन्द्र शुक्ल, डॉ मालविका गुहा ( इटारसी ) ,प्रा. डा. मा. ना. गायकवाड ( लातूर, महाराष्ट्र ),डॉ. दिनेश पाठक ( प्राध्यापक – एस.आई.ई.एस. कालेज़, साईन ),प्रा. अनिल धवले ( हिंदी विभाग प्रमुख – जोशी बेडेकर कालेज़ , ठाणे ), प्रा.सविता भाऊलाल नागरे ( औरंगाबाद), डॉ कामिनी बल्लाड़ ( अहमदनगर, महाराष्ट्र ),सत्र संयोजक :- डॉ. महेश भिवंडीकर ( वरिष्ठ प्राध्यापक – अग्रवाल कालेज ),संचालन :- डॉ. तेज़ बहादुर सिंह ( प्राध्यापक – आर. जे . कालेज , मुंबई ) ।चतुर्थ समानांतर चर्चा सत्र :- ( 11.30 बजे से 1.00 बजे तक ),अध्यक्ष :- डॉ. हरिवंश जी  ( वरिष्ठ पत्रकार  – प्रभात ख़बर ),विशेष अतिथि :- श्री आनंद शुक्ल ( संपादक- यशोभूमि ),पपत्र वाचक :- डॉ एन. सत्यनारायन (आंध्र विश्वविद्यालय , विशाखपट्टनम ), डॉ के.वी.देवरे ( मुंबई ), डॉ विजय लक्ष्मी राय ( भोपाल ),डॉ मेरगसिंह यादव ( गुजरात ),प्रा. एम.एस. वाला (गुजरात),श्री .संजय पुरुषोत्तम शेडमाके ( मुंबई ), श्री संजीव विश्वकर्मा ( मध्य प्रदेश ),श्री अंकुर जैन ( मध्यप्रदेश )         
 ,डॉ.अख़्तर आलम ( वर्धा),डॉ शीला भास्कर (महाराष्ट्र ),डॉ कैलाश निंबालकर ( शहापुर, एस.बी.कालेज ),सत्र संयोजक :- डॉ आर. बी. सिंह ( उप प्राचार्य – अग्रवाल महाविद्यालय ),संचालन :- डॉ रावेन्द्र शाहू ( मध्य प्रदेश ) ने किया । भोजनावकाश : 1.00 से 2.00 बजे तक रहा ।  
           पंचम चर्चा सत्र :- ( 2.00 बजे से 3.30 बजे तक )-अध्यक्ष :- श्री राघवेंद्र द्विवेदी ( संपादक – हमारा महानगर ) ,विशेष अतिथि :- श्री राजमणि त्रिपाठी ( वरिष्ठ उप मुख्य संपादक- नवभारत टाईम्स ) प्रपत्र वाचक :- प्रा. प्रा. क्षीरसागर लक्ष्मण घोंडिराम (परली, बीड़ ),प्रा. श्री रामसेवक झा ( मुंबई ),प्रा. नेहा बंसल, रीतिका गुप्ता ( नई दिल्ली ),डॉ. साक्षी गोयल, वैशाली कपूर ( नई दिल्ली ),श्री डॉ सुनीता आगतराव क्षीरसागर ( महाराष्ट्र ), डॉ. डॉ कामायनी सुर्व,डॉ मनीषा पाटिल ( मुंबई )  सत्र संयोजक :- डॉ वी. के. मिश्रा ( वरिष्ठ प्राध्यापक – अग्रवाल कालेज ),संचालन :- श्रीमती सुरेखा मंत्री ( महाराष्ट्र ) जी ने किया । पंचम समानांतर चर्चा सत्र :- ( 2.00 बजे से 3.30 बजे तक ) अध्यक्ष :- डॉ सुनील शर्मा जी  ( प्राचार्य – भारत कालेज, बदलापुर ),विशेष अतिथि :- डॉ. गणेश पवार ( प्राध्यापक, कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय), प्रपत्र वाचक :- श्री दीपमाला कोरी (सागर, मध्य प्रदेश),श्री रावेन्द्र सिंह पटेल (सतना, मध्य प्रदेश), डॉ. प्रा. संजीवनी आर. नाईक( अलीबाग, महाराष्ट्र ),डॉ पंकज कुमार शुक्ला ( लखनऊ,- साधना पोटे ( मुंबई ),डॉ मंजू पाठक ( उल्हासनगर, महाराष्ट्र ),उषा ओमन ( उल्हास्नगर, महाराष्ट्र ), श्री ऋतेश चौधरी ( लखनऊ ),उमा सन्होत्रा ( NDA, पुणे ),संजय गोस्वामी ( मुंबई ),डॉ पुरुषोत्तम कुंदे ( शेवगाँव, अहमदनगर ) सत्र संयोजक :- डॉ महेश भिवंडीकर ( वरिष्ठ प्राध्यापक – अग्रवाल महाविद्यालय ),संचालन :- डॉ ज्योति शर्मा  ( पंजाब ) जी ने किया ।
  

               समापन सत्र :- ( 3.30 बजे से 4.30 बजे तक )अध्यक्ष : श्री चंचल जी ( वरिष्ठ पत्रकार ),विशेष अतिथि :- श्री ओम प्रकाश पाण्डेय ( ज्वाइंट सेक्रेटरी, अग्रवाल कालेज )  ,डॉ. अनिता मन्ना ( प्राचार्या, अग्रवाल कालेज ) थी ।अभिमत :- श्री अनिल सिंह ( मुंबई ), डॉ रावेन्द्र शाहू, प्रा. ज्योति शर्मा , डॉ. हर्षा त्रिवेदी ,डॉ शास्त्री, डॉ चमनलाल शर्मा ,मनोगत :- डॉ वीरेन्द्र कुमार मिश्रा ( संयोजक ), सत्र संयोजक :- डॉ आर.बी.सिंह ,संचालक :- डॉ. हरीश अरोड़ा और आभार :-  डॉ रत्ना निंबालकर ने दिया । इसके बाद चाय-पान एवं प्रमाण पत्र वितरण (शाम 4.30 से 5.00 बजे तक ) हुआ । इस तरह दो दिवसीय यह परिसंवाद कुशलता पूर्वक संपन्न हुआ ।


                                               संयोजक
                                            डॉ वी. के. मिश्रा

                                         

   

                         ************** समापन ***************


                                 धन्यवाद

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Trafficking and india

Factbook on Global Sexual Exploitation India Trafficking As of February 1998, there were 200 Bangladeshi children and women awaiting repatriation in different Indian shelters. ("Boys, rescued in India while being smuggled to become jockeys in camel races," www.elsiglo.com, 19 February 1998) India, along with Thailand and the Philippines, has 1.3 million children in its sex-trade centers. The children come from relatively poorer areas and are trafficked to relatively richer ones. (Soma Wadhwa, "For sale childhood," Outlook, 1998) In cross border trafficking, India is a sending, receiving and transit nation. Receiving children from Bangladesh and Nepal and sending women and children to Middle Eastern nations is a daily occurrence. (Executive Director of SANLAAP, Indrani Sinha, Paper on Globaliation and Human Rights" India and Paksitan are the main destinations for children under 16 who are trafficked in south Asia. (Masako Iijima, "S. Asia ...

अमरकांत : संक्षिप्त जीवन वृत्त

       कथाकार अमरकांत : संवेदना और शिल्प   कथाकार अमरकांत पर शोध प्रबंध अध्याय - 1   क) अमरकांत : संक्षिप्त जीवन वृत्त 1. जन्म 2. परिवार 3. शिक्षा-दीक्षा 4. रहन-सहन और स्वभाव 5. सेवा मार्ग 6. संघर्ष 7. व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएँ 8. पुरस्कार एवम् सम्मान ख) अमरकांत : विचारधारा एवम् साहित्यिक दृष्टि 1. तरुण कवि के रूप में 2. साहित्यिक वातावरण 3. साहित्यिक प्रेरणा स्रोत 4. प्रभावित करने वाली विचार धाराएँ 5. कथा लेखन क) कहानी ख) उपन्यास 6. साहित्यिक दृष्टि  अमरकांत : संक्षिप्त जीवन वृत्त 1. जन्म :        उत्तर प्रदेश के सबसे पूर्वी जिले बलिया में एक तहसील है - 'रसड़ा`। इस रसड़ा तहसील के सुपरिचित गाँव 'नगरा` से सटा हुआ एक छोटा सा गाँव और है। यह गाँव है - 'भगमलपुर`। देखने में यह गाँव नगरा गाँव का टोला लगता है।        भगमलपुर गाँव...

अमरकांत की कहानी -डिप्टी कलक्टरी

अमरकांत की कहानी -डिप्टी कलक्टरी :-        'डिप्टी कलक्टरी` अमरकांत की प्रमुख कहानियों में से एक है। अमरकांत स्वयं इस कहानी के बारे में कहते हैं कि, ''ये भी हमारे परिवार की थी। भाई लॉ करके बलिया आ गये थे। बलिया जैसे छोटे शहर में रहकर उनका बिन सुविधा, अपने बूते आई.ए.एस. में बैठना। सिम्पिली सिटी के मास्टर थे वे। जटिल से जटिल चीजों को सिम्पिलीफाई कर देना ये चीज हमने उनसे सीखी। कुछ विषयों में टॉपर! लिखित में नम्बर अच्छे आते, पर इन्टरव्यू.......! इंन्टरव्यू का जब कॉल आता था तो जैसे ताजी हवा का आना, स्वप्न, आशा का वह उत्साह, पिता की आशाएँ, प्रतीक्षा.... आप 'डिप्टी कलक्टरी` में देख सकते हैं। उसकी आलोचना में कहा भी गया है - एक आशा भरी प्रतीक्षा।``8        अमरकांत की बातों से साफ है कि यह कहानी उन्होंने अपने पारिवारिक परिवेश पर ही लिखी है। शकलदीप बाबू और जमुना देवी अपने बड़े लड़के 'नारायण` से काफी उम्मीदे लगाये रहते हैं। नारायण डिप्टी कलक्टरी के इम्तहान में बैठना चाहता है। फीस भरनी है। लेकिन शकलदीप बाबू ग...