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विश्व में हिन्दी बोलने वालों की वर्तमान स्थिति संख्या, परिभाषा, प्रवासन, जनगणना और डिजिटल युग का तथ्यपूर्ण विश्लेषण डॉ. मनीष कुमार सी. मिश्रा

  GLOBAL HINDI SPEAKERS  •  गंभीर शोध आलेख जनगणना • प्रवासन • बहुभाषिकता • डिजिटल संसार विश्व में हिन्दी बोलने वालों की वर्तमान स्थिति संख्या, परिभाषा, प्रवासन, जनगणना और डिजिटल युग का तथ्यपूर्ण विश्लेषण डॉ. मनीष कुमार सी. मिश्रा एसोसिएट प्रोफेसर, हिन्दी विभाग, के. एम. अग्रवाल कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, कल्याण (पश्चिम), महाराष्ट्र पूर्व विज़िटिंग प्रोफेसर, आईसीसीआर हिन्दी पीठ, ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज़, ताशकंद, उज़्बेकिस्तान आधिकारिक जनगणनाओं और विश्वसनीय संस्थागत स्रोतों के आधार पर हिन्दी की वैश्विक जनसांख्यिकी का मानवीय विश्लेषण 19 सत्यापित संदर्भ 69.18 करोड़ भारत में हिन्दी-ज्ञान, 2011 ≈5,000+ शब्दों का शोध आलेख अगस्त 2026 लेखक का चित्र: लेखक की पूर्व उपलब्ध अकादमिक प्रोफ़ाइल से सारांश हिन्दी विश्व की सर्वाधिक व्यापक भाषाओं में है, पर उसके बोलने वालों की एक निर्विवाद वैश्विक संख्या बताना सरल नहीं है। अलग-अलग स्रोत ‘मातृभाषी’, ‘दूसरी भाषा के वक्ता’, ‘बातचीत की क्षमता’, ‘घर में प्रयुक्त भाषा’ और व्यापक ‘हिन्दुस्तानी’ को अलग ढंग से गिनते हैं। ...